Christmas क्या है और क्यो मनाया जाता है -History Of Christmas Eve In Hindi

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग में दोस्तों क्रिसमस फेस्टिवल के बारे में आपने जरूर सुना होगा लेकिन आपको पता है क्रिसमस का त्यौहार क्यों मनाते है यदि आप जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पड़े चलिए सुरु करते है 


Christmas क्या है और क्यो मनाया जाता है -History Of Christmas Eve In Hindi


क्रिसमस क्यों मनाते हैं


 भारत एक ऐसा देश है जहां पर लगभग सभी धर्मों के लोग रहते हैं और सभी त्यौहार बड़ी ही खुशी से मनाते हैं हमारे देश में ईसाइयों का त्यौहार यानी कि क्रिसमस भी बड़ी ही खुशी से मनाया जाता है 

क्रिसमस का त्योहार ईसाइयों का सबसे बड़ा त्यौहार है ईसाइयों के लिए क्रिसमस का महत्व बहुत ही ज्यादा होता है इस दिन दुनिया भर के कई लोग बड़ी ही धूमधाम से इस त्योहार को मनाते हैं कुछ लोगों का मानना है कि प्रभु जीसस की जन्म 25 दिसंबर को नहीं हुआ था

 लेकिन ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि प्रभु जीसस का जन्म 25 दिसंबर को ही हुआ था और यही कारण है कि हम क्रिसमस मनाते हैं और इन्हीं की याद में क्रिसमस डे मनाया जाता है दोस्तों हर त्योहार के पीछे एक कहानी होती ही है जैसे कि हम दीपावली मनाते हैं तो

 उसके पीछे श्री राम की कहानी है अगर हम होली मनाते हैं तो उसके पीछे प्रहलाद की कहानी है इसी तरह से क्रिसमस आर के पीछे भी एक कहानी है 


Christmas की कहानी क्या है 


 आज से करीब 2000 साल पहले की है कहानी है तो बाइबल के अनुसार उस समय रोम का शासन होता था और लोग पर काफी अत्याचार किए जाते थे लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए और लोगों को रूम के शासन से बचाने के लिए प्रभु ने अपने बच्चे जीसस को धरती पर भेजा था 

प्रभु ने जीसस के जन्म के लिए वहां की एक कुंवारी कन्या मेरी को चुना था और प्रभु ने मेरी के पास एक देवदूत को भेजा था तो देवदूत ने मेरी के पास जाकर कहा कि तुम्हें प्रभु के पुत्र जीजस को जन्म देना है देवदूत ने आगे बताया कि

 आपका यह बेटा बड़ा होकर राजा बनेगा और लोगों पर हो रहे अत्याचारों को कम करेगा प्रभु के द्वारा भेजी गई दूत  गेब्रियल  के पास गई और उन्होंने कहा कि आपको मेरी नाम की एक लड़की से शादी करनी है जो प्रभु के बच्चे को जन्म देगी

 जिस दिन जीसस का जन्म होने वाला था समय मेरी और जोसेफ से  मिले थे और बेहतलेम की ओर जा रहे थे इसलिए हमने उस समय काफी भीड़ थी और रहने के लिए कहीं भी जगह नहीं होती थी 

तब मेरी ओर जोसेफ ने  तबेले में रात गुजारी उस रात जीसस का जन्म हुआ और इस दौरान आकाश में एक चमकता हुआ तारा दिखाई दिया इससे लोगों को आभास हो गया कि उनके प्रभु ने धरती पर अवतार ले लिया है 


दोस्तों इस बात की भविष्यवाणी पहले ही हो चुकी थी कि जिस दिन आकाश में सबसे बड़ा चमकता हुआ तारा दिखाई देगा उसी दिन समझ लेना कि धरती पर तुम्हारे प्रभु ने जन्म ले लिया है प्रभु के जन्म लेने से सभी लोग बहुत खुश हो गए थे 

ईसा मसीह ने अब लोगों के बीच में रहकर उनकी सेवा करनी शुरू कर दी और उनके दुख दर्द को दूर करने का प्रयास करने लग गए ईसा मसीह ने हमेशा लोगों को भाईचारा मानवता और प्रेम से रहने का संदेश दिया वह हमेशा कहते थे दोस्तों की जो तुम्हारा बुरा करता है उसकी भी तुम भलाई करो और अपने शत्रुओं से भी तुम प्यार करो 


 क्रिसमस का त्योहार कैसे मनाते हैं 


दोस्तों क्रिसमस का त्योहार कई चीजों के लिए मशहूर होता है जैसे कि क्रिसमस ट्री के लिए संता क्लोज के लिए इस दिन संता क्लोज बच्चों को गिफ्ट देता है और बच्चों की हरसंभव इच्छा को पूरी करने का प्रयास करता है क्रिसमस के दिन लोग अपने घरों की ओर गिरजाघरों 

कि साफ-सफाई भी करते हैं कल दुकान और गिरजाघर को रंगीन कागजों और फूलों से सुंदर बना लेते हैं इस दिन क्रिसमस ट्री भी बनाया जाता है जिस पर रंग बिरंगे बल और खिलौने सजाए जाते हैं इस दिन बच्चे बहुत ही खुश होते हैं क्योंकि उन्हें अच्छे-अच्छे गिफ्ट मिलते हैं इस दिन लोग एक-दूसरे को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं 


 संता क्लॉज कौन है और गिफ्ट क्यों देते हैं ?


 ऐसा माना जाता है कि संता का घर उत्तरी ध्रुव में है और वह उड़ने वाले रेनडियर्स की गाड़ी पर चलते हैं संता का यह आधुनिक रूप 19वीं सदी से अस्तित्व में आया था उसके पहले यह ऐसे नहीं थे आज से करीब डेढ़ हजार साल पहले चढ़ने संता निकोल्स को असली सांता और सांता का जनक माना जाता है 

हालांकि संत निकोलस और जीसस के जन्म का सीधा संबंध नहीं रहा है फिर भी आज के समय संता क्लॉज क्रिसमस का हिस्सा बन गए हैं और उनके बिना क्रिसमस अधूरा सा लगता है 

संत निकोलस का जन्म तीसरी सदी में जीसस की मौत के 280 साल बाद मायरा में हुआ था वह रईस परिवार से थे उन्होंने बचपन में ही अपने माता पिता को खो दिया था बचपन से ही उनकी प्रभु यीशु में बहुत ही आस्था थी वह बड़े होकर इसाई धर्म के पादरी यानी कि पुजारी 

और बाद में बने उन्हें जरूरतमंदों और बच्चों को गिफ्ट देना बहुत ही अच्छा लगता था वह अक्सर जरूरतमंदों और बच्चों को गिफ्ट दे देते थे दोस्तों अपने आधी रात को ही देते थे क्योंकि उन्हें उपहार देते हुए नजराना पसंद नहीं था वह

 अपनी पहचान लोगों के सामने नहीं लाना चाहते थे इसी कारण बच्चों को जल्दी सुला दिया जाता था आज भी कई जगह ऐसा ही होता है अगर बच्चे जल्दी नहीं सोते हैं तो उनके संतान कल उन्हें उपहार नहीं देते ऐसा कहते हैं निकोल्स की दरियादिली एक बहुत ही मशहूर की कहानी है

 उन्होंने एक गरीब परिवार की मदद की इसके पास अपनी तीन बेटियों की शादी के लिए पैसे नहीं थे और मजबूरन उन्हें मजदूरी और व्यापार के दलदल में भेज रहा था तब निकोल्स ने चुपके से उसकी तीनों बेटियों की सुख रहे जुराबों में सोने के सिक्कों रखी थी और उन्हें लाचारी की जिंदगी से मुक्ति दिलाई बस तभी से इस उम्मीद के साथ सब लोग जुराबों को बाहर लटकाते  है उनके लिए गिफ्ट लाते है 


 निष्कर्ष 


दोस्तों इस पोस्ट में मेने आपको Christmas क्या है और क्यो मनाया जाता है -History Of Christmas Eve In Hindi  के बारे बताया है यदि आपको हमारी ये पोस्ट जरूर पसंद आयी होगी दोस्तों अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है हमे कमेंट करके जरूर बताये 



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